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भारतीय बच्‍चों में अब दिख रहा कोरोना वायरस से जुड़ा जानलेवा सिंड्रोम MIS-C, ये हैं लक्षण

देश में कोरोना वायरस और हो रहा है भयानक.

अब स्‍वीडन, अमेरिका, स्‍पेन और ब्रिटेन के बाद भारतीय बच्‍चों में भी एक जानलेवा मल्‍टीसिस्‍टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम देखने को मिल रहा है. इसे MIS-C भी कहा जा रहा है.

नई दिल्‍ली. दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में कमी आती नहीं दिख रही है. इस बीच अब बच्‍चों में भी कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) से संबंधित एक जानलेवा सिंड्रोम यानी लक्षण देखने को मिल रहा है. आमतौर पर बच्‍चों में कोरोना वायरस का हल्‍का या गैर लक्षणी संक्रमण ही देखने को मिल रहा था. साथ ही बच्‍चों में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण होने वाली मौत भी बेहद कम दर्ज हो रही थी. लेकिन अब स्‍वीडन, अमेरिका, स्‍पेन और ब्रिटेन के बाद भारतीय बच्‍चों में भी एक जानलेवा मल्‍टीसिस्‍टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम देखने को मिल रहा है. इसे MIS-C भी कहा जा रहा है.

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अनुसार भारत में 22 अगस्‍त तक कोरोना से हुईं कुल मौतों में 20 साल की उम्र से कम के युवाओं व बच्‍चों की संख्या महज 1.22 फीसदी है. ऐसे में MIS-C भारत में अब भी काफी सीमित है. MIS-C में मरीज को तेज बुखार, शरीर के अंगों का ठीक से काम न करना, अंगों में अत्‍यधिक सूजन दिखने जैसी समस्‍याओं समेत बच्‍चों की एक अन्‍य बीमारी कावासाकी के लक्षणों के साथ भी इसके लक्षण मिल जाते हैं. इसमें धमनियों में सूजन आना, कार्डियोवस्‍कुलर शॉक और कई अंग खराब हो जाना शामिल है.

जर्नल सेल में छपे शोध के मुताबिक हालांकि MIS-C और कावासाकी बीमारी में धमनियों को होने वाले नुकसान से जुड़ी हुई सूजन और अन्‍य लक्षण थोड़े अलग होते हैं. स्‍वीडन और इटली के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में स्‍वस्‍थ्‍य बच्‍चों में प्रतिरक्षा कोशिकाओं, साइटोकाइन और ऑटो एंटीबॉडीज के तंत्र का विश्‍लेषण किया है. इनमें कोविड 19 से पहले कावासाकी बीमारी से ग्रसित बच्‍चे, कोरोना वायरस से ग्रसित बच्‍चे और MIS-C से ग्रसित बच्‍चों में यह पाया गया कि इनमें मल्‍टीपल ऑटोएंटीबॉडीज के कारण MIS-C फैलती है.

शोध में यह भी पाया गया है कि दोनों ही बीमारियों में बुखार, कंजक्‍टीवाइटिस, पैरों में सूजन, गले में सूजन और रैशेज होना समान हैं. वहीं MIS-C में सिरदर्द, पेट में दर्द, उल्‍टी, गले में खराश और खांसी होना आम है.


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