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बिहार विधानसभा चुनाव 2020: JDU के खिलाफ चुनाव लड़ेगी LJP! चिराग पासवान ने सोमवार को बुलाई अहम बैठक Patna News in Hindi

पिछले कुछ समय में एनडीए के घटक दलों लोक जनशक्ति पार्टी और जनता दल युनाइटेड के रिश्तों में तल्खी आई है (फाइल फोटो)

लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) सोमवार को बिहार के अपने नेताओं के साथ बैठक कर इस बात पर चर्चा करेंगे कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) जनता दल युनाइटेड (JDU) के खिलाफ लड़ा जाए या नहीं

नई दिल्ली. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) अपने बिहार (Bihar) के नेताओं के साथ सोमवार को एक अहम बैठक करेगी जिसमें यह तय किया जाएगा कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) जनता दल युनाइटेड (JDU) के खिलाफ लड़ा जाए या नहीं. हाल के समय में बिहार में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन (NDA Coalition) के दोनों घटक दलों (LJP-JDU) में रिश्ते बिगड़े हैं. बैठक की पूर्व संध्या पर एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने जेडी (यू) अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर फिर निशाना साधते हुए कहा कि मारे गए अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के लोगों के परिजन को सरकारी नौकरी देने का उनका फैसला ‘और कुछ नहीं, बल्कि चुनाव संबंधी घोषणा’ है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे एक पत्र में चिराग पासवान ने उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों से पूर्व में किये गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया. इन वादों में उन्हें तीन डिसमिल जमीन देने का भी जिक्र था. एलजेपी अध्यक्ष ने कहा, नीतीश कुमार की सरकार अगर गंभीर थी, तो समुदाय के उन सभी लोगों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देनी चाहिए थी, जो उनके 15 साल के शासन के दौरान मारे गए.

दरअसल रामविलास पासवान की पार्टी एलजेपी और जेडी (यू) बीते कुछ महीनों से एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. नीतीश कुमार के दलित नेता जीतन राम मांझी से हाथ मिलाने के बाद दोनों दलों के रिश्तों में खटास और बढ़ गई है. मांझी अपने बयानों में एलजेपी पर निशाना साधते रहे हैं.

जेडीयू पर हमलावर चिराग पासवान बीजेपी को निशाना बनाने से बचते हैं हालांकि नीतीश कुमार पर निशाना साधने के दौरान चिराग पासवान बीजेपी पर निशाना साधने से बचते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना भी करते हैं.

बता दें कि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान की पार्टी की कमान अब उनके बेटे चिराग पासवान संभाल रहे हैं. सूत्रों ने कहा कि एलजेपी के पास एक विकल्प यह है कि वो केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनी रहे. लेकिन राज्य में उससे अलग होकर चुनाव लड़े और बीजेपी के खिलाफ अपने उम्मीदवार न उतारे.

एलजेपी फरवरी 2005 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खिलाफ चुनाव लड़ी थी. यह दोनों क्षेत्रीय दल पूर्व में केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का हिस्सा थे. एलजेपी ने कांग्रेस से अपना गठबंधन बरकरार रखते हुए आरजेडी के खिलाफ उम्मीदवार उतारा था. इसकी वजह से राज्य में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला और लालू यादव की पार्टी आरजेडी का 15 साल का शासन बिहार में खत्म हो गया.

बता दें कि निर्वाचन आयोग के जल्द ही बिहार विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने की उम्मीद है. राज्य में विधानसभा की 243 सीटों पर अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने की संभावना है. (भाषा से इनपुट)


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