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पीएम मोदी ने शुरू किया तीसरा राष्‍ट्रीय ‘पोषण माह’ 2020 अभियान, जानें कैंपेन के बारे में सबकुछ

नई दिल्‍ली. देश में कुपोषण (Malnutrition)की समस्या काफी गंभीर स्थिति में है. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के मुताबिक, भारत के 38 फीसदी बच्चों की लंबाई कम है. वहीं, 21 फीसदी बच्चों का वजन उनकी लंबाई के अनुपात में काफी कम है, जबकि 35 फीसदी से ज्‍यादा बच्‍चों का वजन कम है. इन सभी समस्‍याओं से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 2018 में पोषण अभियान शुरू किया था. इसी क्रम में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आज तीसरे राष्‍ट्रीय ‘पोषण माह’ 2020 की शुरुआत की. इस दौरान पीएम मोदी ने हर भारतीय से देश को कुपोषण से निजात (Malnutrition-free) दिलाने में योगदान की अपील की.

प्रधानमंत्री मोदी ने पोषण माह रेसेपी कॉन्‍टेस्‍ट भी की शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में उचित पोषण को अहम बताते हुए कुपोषण हटाने को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ाने की अपील की. उन्‍होंने ट्वीट किया कि उचित पोषण देश की युवा व महिला शक्ति की मदद करेगा. इस दौरान उन्‍होंने पोषण माह रेसेपी कॉन्‍टेस्‍ट का आगाज भी किया. उन्‍होंने लोगों से माय गवर्नमेंट वेबसाइट पर हेल्‍दी रेसेपी, न्‍यूट्रीशियस डिशेस शेयर करने को कहा. उन्‍होंने कहा, ‘चलिए, लोकल फॉर पोषण बना जाए.’ हमारे देश में बहुत से सेहतमंद भोजन बनते हैं, जिनमें बहुत ज्‍यादा पोषक तत्व होते हैं. उन्हें सरकार की वेबसाइट पर साझा करें. आपके इस सहयोग से पोषक व स्वस्थ भारत के निर्माण में मदद मिलेगी.

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गृह मंत्री शाह ने देश को कुपोषण मुक्‍त बनाने की अपील की
पीएम मोदी ने पिछले महीने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का एक हिस्सा भी ट्वीट किया है, जिसमें उन्‍होंने विकास में पोषण की अहमियत के बारे में बात की थी. बता दें कि ‘पोषण माह’ हर साल सितंबर में मनाया जाता है. अमित शाह ने देशवासियों से ‘कुपोषण मुक्त भारत’ बनाने का संकल्प लेने और इस दिशा में काम करने की अपील की. उन्‍हेांने ट्वीट किया कि 2018 में पीएम मोदी के शुरू किए अभियान से देश से कुपोषण को खत्म करने में बहुत मदद मिल रही है. पोषण माह 2020 के दौरान सरकार देशभर में कुपोषित बच्चों के संपूर्ण पोषण के लिए अभियान चलाएगी.

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पोषण सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बढ़ान है मकसद
शाह ने कहा कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पर्याप्त पोषण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में रहा है. महिला व बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि पोषण माह का मकसद हर व्‍यक्ति के लिए पोषण सुनिश्चित करने में जन भागीदारी को प्रोत्‍साहित करना है. देश में कोविड-19 महामारी को देखते हुए मंत्रालय समाज के सभी पक्षों को पोषण माह मनाने के लिए डिजिटल प्‍लेटफार्म को प्रोत्‍साहित कर रहा है. महिला व बाल विकास मंत्रालय राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों और विभागों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर पोषण माह मना रहा है.

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सोशल मीडिया और ऑनलाइन एक्टिविटीज का होगा इस्‍तेमाल
राष्ट्रीय पोषण मिशन (National Nutrition Mission) का उद्देश्य छोटे बच्चों, महिलाओं और किशोरियों में कुपोषण व एनीमिया को खत्‍म करना है. राष्ट्रीय पोषण मिशन नीति आयोग की राष्ट्रीय पोषण रणनीति की ओर से समर्थित है. इस रणनीति का उद्देश्य साल 2022 तक भारत को कुपोषण से मुक्त करना है. इस बार पोषण माह में पोषक तत्वों से भरपूर पौधे लगाने के लिए पोषण वाटिकाएं बनाए जाने पर जोर रहेगा. साथ ही बच्चों को जन्म लेने के शुरुआती एक हजार दिनों में अच्छे पोषण के तौर पर स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने और युवा महिलाओं व बच्चों में खून की कमी दूर करने के उपायों पर ध्‍यान दिया जाएगा. इसके लिए सोशल मीडिया, ऑनलाइन गतिविधियों, पॉडकास्ट और ई-संवाद का इस्‍तेमाल किया जाएगा.


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