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अब घर बैठे आपको मिल जाएगी ई-पॉलिसी, IRDAI ने बीमा कंपनियों को दी इजाज़त

जनरल एवं स्वास्थ्य बीमा कंपनियां ई-पॉलिसी भी जारी कर सकती हैं.

साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियां अब इले​क्ट्रॉनिक रूप से भी पॉलिसी (e-Policy) जारी कर सकती हैं. बीमा नियामक इरडा (IRDAI) ने इस बारे में जानकारी दी है. डिजिटल तरीके से काम करते हुये उसमें कार्टून, चित्रकारी आदि का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया जाएगा.

नई दिल्ली. बीमा क्षेत्र के नियामक IRDAI ने साधारण और स्वास्थ्य बीमा कंपनियों (General and Health Insurance Companies) को अब पॉलिसी इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी करने की अनुमति दे दी है. IRDAI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी देते हुये कहा कि भविष्य में बीमा पॉलिसी को इलेक्ट्रॉनिक (e-Policy) रूप में जारी करने का ही नियम बन जायेगा. भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के गैर-जीवन बीमा सदस्य टी एल अलामेलू ने उद्योग जगत के एक कार्यक्रम में कहा कि बीमा क्षेत्र में पॉलिसी धारकों और अन्य संबद्ध पक्षों के मामले में काफी कुछ किये जाने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक नियामक की बात है, अभी काफी काम किये जाने हैं. हम लगातार यह देख रहे हैं कि क्या किये जाने की आवश्यकता है, केवल पॉलिसी धारकों के लिये ही नहीं बल्कि बीमा क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के मामले पर हम गौर कर रहे हैं. कुछ कदम जो हमने उठाये हैं वह स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र से जुड़े हैं.’’

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अलामेलू ने उद्योग संगठन ASSOCHAM द्वारा ‘नेशनल ई-समिट हेल्थ इंश्योंरेंस अंडर कोविड अटैक’ को संबोधित करते हुये कहा, ‘‘कल आप सभी ने देखा होगा कि अब हम बीमा कंपनियों को प्रस्ताव के रूप में ई- पॉलिसी जारी करने की अनुमति दे रहे हैं. मेरा मानना है कि यह समय की जरूरत है. धीरे धीरे इसमें मध्यवर्ती इकाइयों, एजेंटों और पॉलिसीधारकों के बीच दूर रहकर ही काम करने का माहौल बनेगा. हम जल्द से जल्द ऐसी प्रणाली अपनानी होगी जहां यह नया नियम बन जायेगा.’’कैसें डिजिटल तरीके से काम करें एजेंट?
उन्होंने एजेंटों और अन्य को डिजिटल तरीके से काम करते हुये उसमें कार्टून, चित्रकारी आदि का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि बीमा उत्पादों को अधिक आकर्षक बनाने के लिये यह जरूरी है. उन्होंने कहा कि इरडा तंदुरूस्ती, स्वास्थ्य को बीमा पॉलिसी पैकेज का एक हिस्सा बनाने पर गौर कर रही है.

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देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और स्वास्थ्य बीमा को लेकर बढ़ती जागरूकता के बारे में उन्होंने कहा कि मार्च से जुलाई 2020 की अल्पावधि में ही घरेलू बीमा बाजार में 27 से 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.


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